Monday, November 2, 2009

ये ताल्लुकात, ये रिश्ते

ये ताल्लुकात, ये रिश्ते , ये दोस्ती, ये साथ
ये हमदर्दियां, ये वादे, कांधे पे ऐतबार का हाथ
ये हर बात पे कसमें, ये लम्बी-लम्बी बातें
ये जज्बात, ये तोहफे और बेशकीमती सौगातें
ये खून का वास्ता, ये रिश्ते-नातों का हवाला
ये हमसफ़र, ये हमकदम, ये हमनवां, ये हमप्याला
यकीनन तब तलक हैं जब तक तेरे पास दाने हैं
जिस दिन बिन-दाना हो गया, उस रोज़ से सब बेगाने हैं।।

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