दिन कटता है रात कटती नहीं,
दिल से तुम्हारी तस्वीर हटती नहीं,
मत पूछो मैं क्यों खो जाता हूं ख्यालों में,
क्योंकि इंतजार की घड़ी कभी घटती नहीं !
पूछता हूं हवाओं से क्या वे तुम्हें छू के आए हैं,
करके स्पर्श तुम्हारा क्या संदेश लाए हैं,
पूछता हूं बादलों से सभी पर नज़र रखते हो,
क्या कभी मेरी प्रेयसी की भी खबर रखते हो,
अबके जाओ यह संदेश प्रियतम को दे देना,
दिन कट जाता है रात कटती नहीं,
इंतजार की घड़ियां बढ़ती हैं, घटती नहीं,
तस्वीर तुम्हारी सज़ा के रखी है दिल पर
कभी दिल से उतरती नहीं !!
Wednesday, November 25, 2009
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