चारों ओर शोर है,
मंहगाई का ज़ोर है,
आम आदमी इसके बीच,
देखो,कितना कमज़ोर है।
आमदनी पड़ गई है कम,
खर्चा हो गया है ज़्यादा,
फिर भी भ्रष्ट नेताओं को,
कुछ समझ में नहीं है आता।
दाल चीनी के हैं दाम बढ़े,
प्याज़-टमाटर को भी ना छोड़ा,
इस बढ़ती माहंगाई ने तो ,
आम आदमी को है झिंझोड़ा।
हर चीज़ में लगा दिया TAX ,
अब कैसे होगा, आदमी RELAX ,
पब्लिक ट्रांसपोर्ट के किराए बढ़ाए,
उसके लिए बहुत THANKS।
घी तेल भी नहीं रहे PURE ,
धांधली तो बढ़ रही है MORE ,
कहां से आम आदमी सोच सके,
कैसे करे FUTURE SECURE ।
बिजली पानी के दाम बढ़ा दिए,
नहीं रहा अब जीवन भी सस्ता ,
अस्पताल में दवा के दाम से,
मरीज़ों की भी हालत की ख़स्ता।
नेता लोग तो अपनी ,जेब हैं भर रहे,
न देखते वे तो किसी की ओर,
महंगाई के VIRUS से न जाने ,
आम आदमी कैसे होगा CURE ।।
Thursday, January 14, 2010
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