मैंने भी कबूतर पाले हैं
कुछ भूरे हैं कुछ काले हैं
मैंने भी कबूतर पाले हैं
कुछ राजनीति करते रहते
कुछ गुंडागर्दी वाले हैं
कुछ एक तमंचा रखते हैं
कुछ एक-56 वाले हैं
मैंने भी कबूतर पाले हैं
कुछ भूरे हैं कुछ काले हैं
कुछ दूध मलाई खाते हैं
कुछ बीयर पीने वाले हैं
कुछ सिगरेट पीते रहते हैं
कुछ बीड़ी पे जीने वाले हैं
मैंने भी कबूतर पाले हैं
कुछ भूरे हैं कुछ काले हैं
कुछ जींस टॉप पहनते हैं
कुछ धोती-कुर्ते वाले हैं
कुछ हरिनाम को जपते हैं
कुछ डिस्को-भंगड़ा वाले हैं
मैंने भी कबूतर पाले हैं
कुछ भूरे हैं कुछ काले हैं
कुछ मोटरबाइक से उड़ते हैं
कुछ पैदल चलने वाले हैं
कुछ मोबाइल पर गपते हैं
कुछ चिट्ठी पढ़ने वाले हैं
मैंने भी कबूतर पाले हैं
कुछ भूरे हैं कुछ काले हैं
कुछ आपस में लड़ते रहते हैं
कुछ सीधे, भोले-भाले हैं
पर हैं कमीने सब के सब
देश को खाने वाले हैं
किस्मत के खेल निराले हैं
मैंने भी कबूतर पाले हैं
कुछ भूरे हैं कुछ काले हैं
मैंने भी कबूतर पाले हैं
Saturday, August 1, 2009
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