तेरी हर सांस में हूं मैं
तेरी हर धड़कन में हूं मैं
तेरी हर आस में हूं मैं
तेरी हर तड़पन में हूं मैं
तेरी सुबह, शाम और दिन
तेरी हर रात में हूं मैं
तेरी हर बात
तेरे हर लफ्ज़ में हूं मैं
तेरी हर दुआ
तेरे गीत में हूं मैं
तेरे हर ख्वाब
तेरी हर हकीकत में हूं मैं
फिर भी तू कहता है कि
कहां हूं मैं
अरे पगले झांक अपने ही अंदर
तेरी नस नस में हूं मैं
Monday, August 3, 2009
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